यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- सिर्फ सैन्य कार्रवाई से नहीं मिलेगी स्थायी शांति

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ओस्लो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान केवल सैन्य कार्रवाई से संभव नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि शांति स्थापित करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है।

प्रधानमंत्री मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के तहत नॉर्वे पहुंचे हैं। ओस्लो में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच व्यापक बातचीत हुई, जिसमें वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद, समुद्री सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर भारत का स्पष्ट रुख

वार्ता के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा, “चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष की जल्द समाप्ति और शांति बहाली के हर प्रयास का समर्थन करते रहेंगे।”

पीएम मोदी ने संकेत दिया कि मौजूदा वैश्विक हालात में युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता और बातचीत ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

वैश्विक संस्थानों में सुधार की उठाई मांग

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और नई चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इसे जड़ से खत्म करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।

पहलगाम आतंकी हमले के दौरान साथ देने पर जताया आभार

पीएम मोदी ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के दौरान भारत का समर्थन करने के लिए नॉर्वे का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में नॉर्वे ने भारत के साथ मजबूती से खड़े होकर सच्ची मित्रता का परिचय दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम हमले की वजह से उन्हें अपनी पिछली नॉर्वे यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी, लेकिन उस दौरान नॉर्वे का सहयोग भारत कभी नहीं भूलेगा।

हिंद-प्रशांत पहल में नॉर्वे की भागीदारी का स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अगुवाई वाली ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल’ में शामिल होने के नॉर्वे के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने इसे समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया।

पीएम मोदी को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर विशेष योगदान के लिए दिया जाता है।

यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इससे पहले स्वीडन ने भी उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया था।

प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली नॉर्वे यात्रा है और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला नॉर्वे दौरा माना जा रहा है।

 

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