सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली स्मॉलकैप कंपनी Websol Energy System के शेयरों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही स्टॉक में तेज खरीदारी आई और यह करीब 9% तक चढ़ गया। कारोबार के दौरान इसमें 10% का अपर सर्किट भी लग गया, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ गया।
Vijay Kedia की हिस्सेदारी से बढ़ा भरोसा
शेयर में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह दिग्गज निवेशक Vijay Kedia का नाम सामने आना रहा। लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, उन्होंने 13 से 31 मार्च के बीच कंपनी में 44.44 लाख से ज्यादा शेयर खरीदे हैं, जो करीब 1.02% हिस्सेदारी के बराबर है।
31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, वे कंपनी के सबसे बड़े पब्लिक इंडिविजुअल निवेशकों में शामिल हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने शेयर किस कीमत पर खरीदे, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
39 करोड़ रुपये से ज्यादा की हिस्सेदारी
NSE के पिछले बंद भाव 88.27 रुपये के हिसाब से केडिया की इस हिस्सेदारी की कीमत करीब 39.23 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने यह खरीद नई एंट्री के तौर पर की है या मौजूदा निवेश को और बढ़ाया है।
मजबूत रिटर्न का लंबा इतिहास
Websol Energy के शेयरों ने लंबी अवधि में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। पिछले 5 वर्षों में यह स्टॉक 2059% से ज्यादा चढ़ चुका है, जबकि 3 साल में इसमें 1092% की तेजी दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक साल में यह 35% से अधिक गिर चुका है, जिससे इसकी वोलैटिलिटी भी साफ दिखती है।
हालिया प्रदर्शन में भी तेजी
पिछले एक हफ्ते में स्टॉक करीब 8% और एक महीने में 26% से ज्यादा बढ़ चुका है। बुधवार को यह 95.90 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
डिविडेंड और रिजल्ट पर नजर
कंपनी ने जानकारी दी है कि उसका बोर्ड 27 अप्रैल को चौथी तिमाही के नतीजों पर विचार करेगा और उन्हें मंजूरी दे सकता है। साथ ही फाइनल डिविडेंड पर भी फैसला संभव है, जो करीब 17 साल बाद पहली बार हो सकता है। इससे पहले कंपनी ने सितंबर 2009 में डिविडेंड घोषित किया था।
कंपनी का बिजनेस मॉडल
Websol Energy System भारत की प्रमुख सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है, जो फोटोवोल्टिक क्रिस्टलाइन सोलर सेल और मॉड्यूल बनाती है। इसकी उत्पादन इकाई पश्चिम बंगाल के फाल्टा में स्थित है। कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भारत और विदेशों में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सोलर प्रोजेक्ट्स में किया जाता है।
इसका मौजूदा मार्केट कैप करीब 3970 करोड़ रुपये है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सर्टिफिकेशन भी मिले हैं।