पश्चिम बंगाल में CM शुभेंदु अधिकारी का सख्त एक्शन, लाउडस्पीकर के शोर से लेकर अवैध टोल वसूली तक सरकार ने जारी किए कड़े निर्देश

0 27

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। नई सरकार ने कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक अनुशासन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर कई सख्त फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में ध्वनि प्रदूषण और अवैध वसूली के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अब सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी किसी भी तरह की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और सड़कों पर अवैध टोल वसूली को लेकर प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

लाउडस्पीकर की आवाज पर सख्ती, तय सीमा से अधिक शोर पर कार्रवाई

शुभेंदु सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाएगा। सरकार के मुताबिक हाईकोर्ट द्वारा तय डेसिबल सीमा का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

मंदिर, मस्जिद और अन्य धार्मिक संस्थानों समेत सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर यह नियम लागू रहेगा। पुलिस प्रशासन को राज्यभर में निगरानी बढ़ाने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने कहा है कि निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकरों को तुरंत बंद कराया जाएगा या जरूरत पड़ने पर जब्त भी किया जा सकता है। प्रशासन का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और सार्वजनिक शांति बनाए रखना है।

अवैध टोल प्लाजा और वसूली केंद्रों पर सरकार का बड़ा अभियान

राज्य सरकार ने अवैध टोल वसूली और गैरकानूनी बैरिकेडिंग के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे सभी टोल गेट, ड्रॉप गेट और बैरिकेड्स की पहचान करें जो अधिकृत नहीं हैं।

बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के संचालित हो रहे सभी अवैध वसूली केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही जिला मजिस्ट्रेटों को निगरानी बढ़ाने और कार्रवाई की नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सरकार का मानना है कि इन अवैध वसूली केंद्रों के कारण आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, साथ ही कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।

नई सरकार के फैसलों से प्रशासनिक सख्ती के संकेत

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शुरुआती फैसलों को राज्य में प्रशासनिक सख्ती और नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी इन फैसलों की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर और भी कड़े कदम उठा सकती है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.