UIDAI ने बदले आधार नियम, 2026 से नए दस्तावेज होंगे मान्य, आधार बनवाने और अपडेट प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधान Aadhaar (Enrollment and Update) First Amendment Regulations, 2026 के तहत लागू किए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य आधार बनवाने और अपडेट करने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और पारदर्शी बनाना है।
नए नियमों के लागू होने के बाद अब आधार नामांकन और अपडेट के लिए पहले से अधिक दस्तावेजों को मान्यता दी जाएगी। साथ ही दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को भी और सख्त कर दिया गया है।
आधार के लिए बढ़ी दस्तावेजों की सूची
UIDAI ने आधार बनवाने के लिए स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों का दायरा बढ़ा दिया है। अब आवेदक निम्न दस्तावेजों का उपयोग कर सकेंगे:
ई-वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड, बैंक पासबुक, इंश्योरेंस पॉलिसी, पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO), विवाह प्रमाण पत्र, तलाक आदेश, बिजली और पानी जैसे यूटिलिटी बिल, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट, NREGA जॉब कार्ड, शेल्टर होम सर्टिफिकेट और कैदी पहचान पत्र।
इन अतिरिक्त दस्तावेजों से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्हें पहले सीमित विकल्पों के कारण आधार बनवाने में कठिनाई होती थी।
दस्तावेजों की जांच में सख्ती बढ़ाई गई
नए नियमों के अनुसार अब हर दस्तावेज की सत्यता की कड़ाई से जांच की जाएगी। केवल वही दस्तावेज मान्य होंगे जो वैध हों, एक्सपायर न हुए हों और आवेदक के नाम पर हों।
पहचान प्रमाण (PoI) में नाम और फोटो दोनों का होना अनिवार्य किया गया है। वहीं परिवार आधारित आवेदन की स्थिति में परिवार प्रमुख और आवेदक दोनों का नाम संबंध प्रमाण पत्र (PoR) में दर्ज होना जरूरी होगा।
बच्चों के आधार के लिए नए नियम
5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
5 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए परिवार प्रमुख (Head of Family) के माध्यम से आधार बनवाने की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार दस्तावेज आधारित आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।
विदेशी नागरिकों के लिए अलग प्रावधान
UIDAI ने विदेशी नागरिकों और OCI कार्डधारकों के लिए आधार की वैधता भी तय कर दी है। नए नियमों के अनुसार:
OCI कार्डधारक, नेपाल और भूटान के नागरिकों का आधार 10 वर्षों तक वैध रहेगा। वहीं अन्य विदेशी नागरिकों का आधार वीजा की अवधि तक ही मान्य होगा।
विशेष श्रेणियों को मिली राहत
नए नियमों में ट्रांसजेंडर पहचान पत्र को भी मान्यता दी गई है। इसके अलावा अनाथ बच्चों, दिव्यांग व्यक्तियों और कानूनी अभिभावक के तहत रहने वाले लोगों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
शेल्टर होम और देखभाल संस्थानों में रहने वाले लोगों को भी आधार प्रक्रिया में अतिरिक्त सुविधा और राहत दी गई है।
आधार प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और समावेशी बनाने की कोशिश
UIDAI के इन नए नियमों को आधार प्रणाली को और मजबूत, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे दस्तावेजों की पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होने की उम्मीद है।