केदारनाथ धाम के कपाट खुले, प्रधानमंत्री मोदी के नाम पहली पूजा, ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र
हिमालय की पवित्र वादियों में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह ठीक 8 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा क्षेत्र “हर हर महादेव” और “बम बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पहले दिन बाबा केदार के दर्शन किए।
भव्य सजावट और अखंड ज्योति के दर्शन से भक्त भावविभोर
इस अवसर पर मंदिर को करीब 15 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। ऋषिकेश की पुष्प सेवा समिति द्वारा किए गए इस अलंकरण ने पूरे धाम को दिव्य स्वरूप प्रदान किया। कपाट खुलने के साथ ही भक्तों को अखंड ज्योति के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
प्रधानमंत्री मोदी के नाम हुई पहली पूजा
इस पावन अवसर पर मंदिर में पहली पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत रूप से यह पूजा विश्व कल्याण की कामना के साथ कराई। इस परंपरा के साथ केदारनाथ धाम में धार्मिक आस्था और राष्ट्रभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
पहले ही दिन भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। गर्भगृह में सीमित समय के लिए ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है, जबकि आस्था पथ पर कतारबद्ध व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की रील, वीडियो या अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
यात्रियों के लिए नई सुविधाएं, दर्शन अनुभव होगा और बेहतर
इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं। आस्था पथ को बेहतर बनाया गया है ताकि श्रद्धालु बारिश और भीड़ से सुरक्षित रहकर दर्शन कर सकें। इसके साथ ही शू काउंटर और मोबाइल लॉकर की सुविधा भी शुरू की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके।
बर्फ से ढकी वादियों ने बढ़ाया आकर्षण
लिंचोली से लेकर केदारनाथ तक कई स्थानों पर बर्फ की सफेद चादर देखने को मिली, जिसने यात्रा को और भी आकर्षक बना दिया। श्रद्धालु बर्फ के बीच बाबा के दर्शन का अनोखा अनुभव ले रहे हैं, हालांकि कई स्थानों पर बर्फ के कारण सावधानी बरतने की भी आवश्यकता बनी हुई है।
हेली सेवा और टेंट कॉलोनी से सुगम हुई यात्रा
पैदल यात्रा में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं। आठ हेली कंपनियों ने उड़ानें शुरू कर दी हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिली है। वहीं बेस कैंप और हेलीपैड के आसपास टेंट कॉलोनियां भी तैयार कर दी गई हैं, ताकि यात्रियों को ठहरने में कोई परेशानी न हो।
धाम में आस्था और अनुशासन का संगम
जिला प्रशासन और बदरी-केदार मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धाम की मर्यादा और अनुशासन का पालन करें तथा मोबाइल और अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाकर आध्यात्मिक अनुभव को प्राथमिकता दें।