ईरान पर सख्त रुख, ‘तेल भंडारों पर भी कर सकते हैं हमला’—राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप की चेतावनी

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नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर उसके तेल भंडारों को भी निशाना बना सकता है।

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को बताया बड़ी सफलता
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को एक महीना पूरा हो चुका है और इस दौरान अमेरिकी सेना ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि यह अभियान दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी प्रायोजक के खिलाफ चलाया गया है और पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी सशस्त्र बलों ने तेज, निर्णायक और जबरदस्त जीत दर्ज की है।

‘ईरान के अधिकांश नेता मारे जा चुके’
ट्रंप ने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के अधिकांश शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान नहीं मानता है, तो अमेरिका अपने हमले जारी रखेगा।

नौसेना और वायुसेना के तबाह होने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की नौसेना पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और उसकी वायुसेना भी तबाह हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कमान और नियंत्रण तंत्र भी बुरी तरह ध्वस्त हो चुका है।

मिसाइल और ड्रोन क्षमता पर भी असर
ट्रंप के अनुसार, ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि ईरान के हथियार कारखाने और रॉकेट लॉन्चर लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं और अब बहुत कम संसाधन ही बचे हैं। ट्रंप ने इसे युद्ध के इतिहास में अभूतपूर्व क्षति बताया।

ओबामा पर साधा निशाना
अपने संबोधन में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी हमला बोला। उन्होंने ईरान परमाणु समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि तेहरान को नकद धनराशि देने का फैसला एक बड़ी गलती थी, जो अंततः आपदा साबित हुआ।

‘दुश्मन हार रहे हैं’—ट्रंप
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के दुश्मन लगातार हार रहे हैं और उनके कार्यकाल में देश ने लगातार बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को मिडिल ईस्ट के तेल की जरूरत नहीं है, लेकिन वह अपने सहयोगियों की मदद करता रहेगा।

‘ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि अमेरिका ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु शक्ति नहीं बनने देगा। उन्होंने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे मजबूत सेना बताते हुए उसकी जमकर सराहना की।

तेल भंडारों पर हमले की खुली चेतावनी
ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ने अभी तक ईरान के तेल भंडारों पर हमला नहीं किया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर ऐसा कदम उठाया जा सकता है।

ईरानी सरकार पर गंभीर आरोप
ट्रंप ने ईरान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में विरोध प्रदर्शनों के दौरान उसने अपने ही 45,000 नागरिकों को मार डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे शासन के पास परमाणु हथियार होना पूरी दुनिया के लिए असहनीय खतरा होगा और वह इसे हर हाल में रोकेंगे।

 

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