सोना ₹1.54 लाख और चांदी ₹2.82 लाख के पार, पीएम मोदी की अपील के बावजूद क्यों भड़के दाम? जानिए बड़ी वजह
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बावजूद मंगलवार को कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल को लेकर बढ़ती चिंता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता के चलते निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ता नजर आया।
MCX पर चांदी में बड़ी छलांग, सोना भी मजबूत
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को चांदी की कीमत करीब 1.5 प्रतिशत उछलकर ₹2,82,463 प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं सोना भी 0.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ ₹1,54,150 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर गोल्ड और सिल्वर जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश बढ़ा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखी तेजी
इंटरनेशनल मार्केट में भी कीमती धातुओं की चमक बढ़ी हुई है। स्पॉट सिल्वर 0.2 प्रतिशत चढ़कर 86.27 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी में 7 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई थी, जिसे पिछले एक महीने की सबसे बड़ी उछाल माना जा रहा है।
वहीं स्पॉट गोल्ड 0.5 प्रतिशत मजबूत होकर 4,757.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.8 प्रतिशत बढ़कर 4,768.20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते दिखे।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव बना बड़ी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव को लेकर है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी प्रकार का भू-राजनीतिक संकट वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
तेल की कीमतों में संभावित तेजी से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इसी वजह से निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
ट्रंप के बयान से और बढ़ी बेचैनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बातचीत की स्थिति को “गंभीर संकट” में बताया। इसके बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और बढ़ गई।
अब निवेशकों की नजर ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित बैठक पर टिकी हुई है, जहां व्यापार, मिडिल ईस्ट तनाव और जियो-पॉलिटिकल मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
डॉलर में कमजोरी से सोने को मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में नरमी ने भी सोने-चांदी की कीमतों को समर्थन दिया है। डॉलर कमजोर होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ती है।
इसके अलावा कम बॉन्ड यील्ड के माहौल में निवेशक ब्याज न देने वाली लेकिन सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों जैसे सोने में निवेश बढ़ाते हैं।
आगे कैसा रह सकता है बाजार?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बाद सोना और चांदी में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। हालांकि वैश्विक तनाव और तेल बाजार की स्थिति आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेगी।