‘1000 रुपये लेकर कौन सा सूरमा पैदा कर देंगी औरतें’: कांग्रेस विधायक के बयान पर पंजाब विधानसभा में बवाल, महिला आयोग ने भेजा नोटिस
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के एक सोशल मीडिया बयान को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हो गया। विवाद उस समय बढ़ गया जब वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में खैहरा के कथित बयान को पढ़कर सुनाया। हालांकि, जिस समय यह मामला उठा उस समय खैहरा सदन में मौजूद नहीं थे।
चीमा ने खैहरा के बयान को महिलाओं और विशेष रूप से अनुसूचित जाति समुदाय की बहू-बेटियों का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। इसके बाद विधानसभा में खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।
वित्तमंत्री ने सदन में पढ़ा विवादित बयान
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन को संबोधित करते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर खैहरा ने कथित तौर पर कहा था कि “1,000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमे पैदा कर देंगी।” इस बयान को लेकर सत्तापक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया।
बयान सामने आते ही सदन का माहौल गर्म हो गया और आप विधायकों ने कांग्रेस विधायक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
महिला आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान
मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पंजाब राज्य महिला आयोग ने भी इस बयान को गंभीरता से लेते हुए खैहरा को नोटिस जारी किया है। आयोग ने खैहरा के साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को भी 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा है।
इसके साथ ही आयोग ने कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विधानसभा में आप विधायकों का विरोध
सदन में बढ़ते विवाद के बीच विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा के बयान के लिए माफी मांगते हुए कहा कि खैहरा बुधवार को सदन में अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। हालांकि, आम आदमी पार्टी की महिला विधायक इस मुद्दे पर आक्रामक रुख में दिखाई दीं।
विधायक इन्द्रजीत कौर मान, सरबजीत कौर माणुके और जीवन ज्योत कौर ने खैहरा के बयान की तीखी आलोचना करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया। विरोध के दौरान कुछ विधायक सदन के वेल तक पहुंच गईं और जोरदार नारेबाजी की।
महिला विधायकों ने कहा कि खैहरा का यह बयान माफी योग्य नहीं है और इसे जनता के बीच भी उठाया जाएगा।
हंगामे के बीच स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
लगातार बढ़ते हंगामे को देखते हुए स्पीकर को विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर आप विधायक सरबजीत कौर माणुके खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लेकर आईं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि खैहरा को विधानसभा में आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।