भारत का सबसे बड़ा IPO आने की तैयारी: मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में उतरने को तैयार

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों में शामिल रिलायंस समूह अब अपनी टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी में जुट गया है। जानकारी के मुताबिक कंपनी संभावित आईपीओ को लेकर कई बड़े निवेश बैंकों के साथ मिलकर काम कर रही है। यदि यह योजना अंतिम रूप लेती है तो यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है।

बड़े निवेश बैंक बनाए गए सलाहकार

सूत्रों के अनुसार इस मेगा आईपीओ की तैयारी के लिए कंपनी ने कई वैश्विक और भारतीय निवेश बैंकों को सलाहकार के तौर पर चुना है। इनमें बीओएफए सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, जेएम फाइनेंशियल, कोटक महिंद्रा कैपिटल और मॉर्गन स्टेनली शामिल हैं। बताया जा रहा है कि आगे चलकर इस प्रक्रिया में कुछ और सलाहकारों को भी जोड़ा जा सकता है, ताकि आईपीओ की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

करीब दो दशक बाद रिलायंस समूह का बड़ा पब्लिक इश्यू

यह प्रस्तावित आईपीओ इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि लगभग दो दशकों में यह रिलायंस समूह की किसी बड़ी इकाई का पहला बड़ा पब्लिक इश्यू होगा। जियो प्लेटफॉर्म्स वर्तमान में देश की सबसे बड़ी वायरलेस टेलीकॉम कंपनी बन चुकी है और इंटरनेट सेवाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से अपना विस्तार कर रही है।

170 अरब डॉलर तक हो सकता है कंपनी का मूल्यांकन

बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स का संभावित मूल्यांकन करीब 170 अरब डॉलर तक आंका जा सकता है। सरकार के मौजूदा नियमों के तहत अगर कंपनी अपनी करीब 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बाजार में उतारती है तो इस आईपीओ के जरिए लगभग 4.3 अरब डॉलर यानी करीब 35 हजार करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। यही वजह है कि बाजार और निवेशकों के बीच इस संभावित इश्यू को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

जल्द नियामक के पास दाखिल हो सकता है ड्राफ्ट दस्तावेज

बताया जा रहा है कि जैसे ही आईपीओ की संरचना और शर्तों को अंतिम रूप दिया जाएगा, कंपनी बाजार नियामक के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर सकती है। हालांकि फिलहाल इश्यू के आकार और समय-सीमा में बदलाव की संभावना बनी हुई है, इसलिए अंतिम घोषणा में कुछ समय लग सकता है।

इस बीच भारत के आईपीओ बाजार की बात करें तो साल 2026 की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही है। आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष की पहली तिमाही में आईपीओ के जरिए करीब 1.7 अरब डॉलर की राशि जुटाई गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 2.3 अरब डॉलर था। ऐसे में अगर जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ बाजार में आता है तो यह शेयर बाजार में नई ऊर्जा और निवेशकों की दिलचस्पी को बढ़ा सकता है।

 

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