अमेरिका में भारतीय मूल के व्यक्ति पर बड़ा एक्शन, 25 लाख डॉलर की धोखाधड़ी मामले में नागरिकता रद्द करने की तैयारी

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इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका में भारतीय मूल के एक व्यक्ति के खिलाफ बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। 62 वर्षीय देबाशीष घोष पर निवेशकों के साथ लाखों डॉलर की धोखाधड़ी करने और अमेरिकी अधिकारियों से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप लगा है। अब अमेरिकी न्याय विभाग उसकी नागरिकता रद्द कराने की कानूनी प्रक्रिया चला रहा है।

देबाशीष घोष मूल रूप से अमेरिकी नागरिक नहीं था, लेकिन उसने कानूनी प्रक्रिया के तहत वर्ष 2012 में अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी। उसका अंतिम ज्ञात पता अमेरिका के इलिनोइस राज्य के कुक काउंटी में बताया गया है।

25 लाख डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, घोष ने विमान रखरखाव सुविधा तैयार करने के नाम पर निवेशकों से करीब 25 लाख अमेरिकी डॉलर जुटाए थे। आरोप है कि उसने इस रकम से जुड़ी धोखाधड़ी की साजिश रची और इस पूरे मामले की जानकारी अमेरिकी संघीय अधिकारियों से छिपाई।

जांच एजेंसियों का कहना है कि नागरिकता मिलने के बाद भी घोष कथित तौर पर निवेशकों को गुमराह करता रहा और उनके पैसों की स्थिति को लेकर गलत जानकारी देता रहा।

नागरिकता आवेदन में झूठ बोलने का आरोप

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, घोष ने 2012 में नागरिकता आवेदन और इंटरव्यू के दौरान दावा किया था कि उसने कभी ऐसा कोई अपराध नहीं किया जिसके लिए उसे गिरफ्तार किया जा सकता हो। लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि उसने अपने खिलाफ गंभीर आरोपों और गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी छिपाई थी।

सरकारी शिकायत में कहा गया है कि जिस अवधि में किसी आवेदक को “अच्छे नैतिक चरित्र” का प्रमाण देना जरूरी होता है, उसी दौरान घोष कथित तौर पर गैरकानूनी गतिविधियों और नैतिक भ्रष्टाचार से जुड़े अपराधों में शामिल था।

12 लोगों के खिलाफ चल रही है कार्रवाई

देबाशीष घोष उन 12 लोगों में शामिल है जिनके खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग ने अलग-अलग अदालतों में नागरिकता रद्द करने के मुकदमे दायर किए हैं। इन मामलों में आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने, युद्ध अपराध और नाबालिगों के यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर या गलत जानकारी देकर अमेरिकी नागरिकता हासिल करता है, तो आव्रजन और नागरिकता कानून के तहत उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है।

कानून के तहत नागरिकता रद्द करने का प्रावधान

अमेरिकी कानून के मुताबिक, यदि यह साबित हो जाए कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर या तथ्यों को छिपाकर प्राकृतिक नागरिकता प्राप्त की है, तो उसका नागरिकता प्रमाणपत्र निरस्त किया जा सकता है। इसी आधार पर अब देबाशीष घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

 

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