जेफरी एप्स्टीन की मौत पर फिर गहराया रहस्य, जेल से मिले दो नोट्स को लेकर हस्तलेखन विशेषज्ञों का बड़ा दावा
वॉशिंगटन: अमेरिका के चर्चित कारोबारी और यौन अपराध मामलों में दोषी ठहराए जा चुके जेफरी एप्स्टीन की मौत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अब हस्तलेखन विशेषज्ञों ने ऐसा दावा किया है जिसने इस पूरे मामले को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एप्स्टीन से जुड़े दो अलग-अलग नोट लगभग निश्चित रूप से एक ही व्यक्ति द्वारा लिखे गए थे।
इनमें से एक नोट मैनहट्टन की जेल में कथित आत्महत्या की कोशिश से पहले मिला था, जबकि दूसरा नोट उसकी मौत के बाद उसी जेल से बरामद हुआ। दोनों नोटों की जांच के बाद विशेषज्ञों ने कई अहम समानताएं बताई हैं, जिससे मामले की रहस्यमयी परतें फिर खुलने लगी हैं।
फॉरेंसिक जांच में मिले कई चौंकाने वाले संकेत
मामले की जांच के दौरान तीन फॉरेंसिक दस्तावेज विशेषज्ञों ने दोनों नोट्स का गहन परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि दोनों लिखावटों में अक्षरों की बनावट, शब्दों के बीच की दूरी, बड़े अक्षरों का इस्तेमाल और विराम चिह्नों की शैली काफी हद तक समान है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ये समानताएं इस ओर इशारा करती हैं कि दोनों नोट्स एक ही व्यक्ति ने लिखे हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी विशेषज्ञ ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की कि नोट्स खुद जेफरी एप्स्टीन ने ही लिखे थे।
पहले नोट में ‘आत्महत्या’ का जिक्र, दूसरे में जेल की शिकायतें
इस सप्ताह सार्वजनिक किए गए पहले नोट में लिखा गया था, “उन्होंने महीनों तक जांच की — कुछ नहीं मिला!!!” इसके साथ ही उसमें “आत्महत्या का समय चुनने” जैसी बातों का भी उल्लेख किया गया था।
वहीं वर्षों पहले सामने आए दूसरे नोट में जेल की खराब परिस्थितियों का जिक्र था। उसमें खराब शॉवर, भोजन की गुणवत्ता और “बड़े-बड़े कीड़े-मकौड़ों” की शिकायत दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये बातें एप्स्टीन की मानसिक स्थिति और जेल प्रशासन को लेकर उसकी नाराजगी को दर्शाती हैं।
हस्तलेखन विशेषज्ञों ने क्या कहा?
‘हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स इंक.’ के संस्थापक और 130 से अधिक मामलों में अदालत में गवाही दे चुके बार्ट बैगेट ने कहा कि दोनों नोट्स एक ही व्यक्ति द्वारा लिखे गए प्रतीत होते हैं।
वहीं न्यूयॉर्क पुलिस विभाग में करीब एक दशक तक दस्तावेज जांच और हस्तलेखन विश्लेषण का काम कर चुकी ग्रेस वार्मबियर ने भी कहा कि दोनों पत्रों की लिखावट समान व्यक्ति की लगती है।
इसके अलावा ‘अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्वेश्चंड डॉक्युमेंट एग्जामिनर्स’ के अध्यक्ष थॉमस वास्ट्रिक ने भी माना कि दोनों नोट्स में कई ऐसे संकेत मौजूद हैं जो समान लेखक की ओर इशारा करते हैं।
अब भी बना हुआ है सबसे बड़ा सवाल
हालांकि विशेषज्ञों के दावों के बावजूद अब तक यह पूरी तरह साबित नहीं हो पाया है कि नोट्स वास्तव में एप्स्टीन ने ही लिखे थे। इसकी सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में एप्स्टीन की प्रमाणित हस्तलिपि के नमूने बेहद कम उपलब्ध हैं।
इसी कारण उसकी लिखावट का अंतिम और आधिकारिक मिलान अब भी संभव नहीं हो सका है। ऐसे में एप्स्टीन की मौत से जुड़ा रहस्य एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।