गौतमबुद्धनगर में श्रम विभाग का बड़ा बयान, सोशल मीडिया पर वायरल भ्रामक वीडियो और वेतन संबंधी दावों का किया सख्त खंडन
गौतमबुद्धनगर, 23 अप्रैल 2026। जिले में हाल ही में फैली अफवाहों को लेकर श्रम विभाग ने स्पष्ट रुख अपनाया है। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और वेतन संबंधी दावों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य बताया है।
कट-छांट कर वायरल किए गए वीडियो को बताया भ्रामक
अपर श्रमायुक्त के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को जनपद में उत्पन्न औद्योगिक अशांति के दौरान विभिन्न समूहों को समझाने के लिए किए गए संवाद के वीडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये वीडियो वास्तविकता से परे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
न्यूनतम वेतन को लेकर फैलाई जा रही गलत जानकारी पर स्पष्टीकरण
विभाग ने स्पष्ट किया कि 17 अप्रैल 2026 को जारी राजाज्ञा के अनुसार गौतमबुद्धनगर में 74 अधिसूचित नियोजनों के लिए न्यूनतम मासिक वेतन तय किया गया है। इसके तहत अकुशल श्रमिक के लिए 13,690 रुपये, अर्धकुशल श्रमिक के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपये निर्धारित हैं। विभाग ने साफ कहा कि इन निर्धारित दरों के अलावा किसी अन्य वेतन राशि के दावे पूरी तरह झूठे हैं।
ओवरटाइम भुगतान को लेकर भी फैलाई जा रही है गलत खबर
श्रम विभाग ने उन खबरों को भी खारिज किया है जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि श्रम कार्यालय द्वारा नियोक्ताओं पर पिछले दो वर्षों के ओवरटाइम भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। विभाग के मुताबिक वर्तमान में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं चल रही है और यह सूचना पूरी तरह निराधार है।
अफवाहों से बचने की अपील, केवल आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा
अपर श्रमायुक्त ने उद्यमियों, श्रमिकों और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें, ताकि भ्रम और अनावश्यक तनाव की स्थिति से बचा जा सके।