श्रमिक दिवस पर नोएडा में EPFO का बड़ा जन-जागरूकता और शिकायत निवारण शिविर, ठेका कर्मियों की PF समस्याओं पर उठे सवाल; जांच का आश्वासन
नोएडा: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), नोएडा द्वारा एक विशेष शिकायत निवारण एवं जन-जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय मजदूर संघ (BMS) के क्षेत्रीय कार्यालय, भंगेल, नोएडा में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
शिविर में EPFO अधिकारियों और मजदूर संगठनों की सक्रिय भागीदारी
इस शिविर में ईपीएफओ, क्षेत्रीय कार्यालय नोएडा के प्रवर्तन अधिकारी अवनीश मीणा और अमन प्रकाश उपस्थित रहे। वहीं भारतीय मजदूर संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र पाल प्रजापत और महामंत्री गोपाल सिंह नेगी सहित करीब 35 पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
इसके अलावा नोएडा प्राधिकरण अस्थायी कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने ठेका कर्मियों से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।
ठेका कर्मियों की PF से जुड़ी शिकायतें सामने आईं
शिविर के दौरान श्रमिकों और यूनियन प्रतिनिधियों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें प्रमुख रूप से टीवी नेटवर्क कंपनियां, वाहन शोरूम, सर्विस सेंटर, जॉब वर्क इकाइयां और नोएडा प्राधिकरण के ठेका श्रमिकों के पीएफ अंशदान जमा न होने के मामले सामने आए।
इसके साथ ही सहारा समूह सहित अन्य कंपनियों पर भी पीएफ अंशदान जमा न करने और ईपीएफ अधिनियम का पालन न करने से जुड़ी शिकायतें दर्ज की गईं।
EPFO ने दिए जांच और कार्रवाई के आश्वासन
ईपीएफओ अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि इनकी प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी नियोक्ताओं और संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीएफ अधिनियम के अनुपालन के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

श्रमिकों को दी गई जानकारी और जागरूकता
शिविर में श्रमिकों को उनके वैधानिक अधिकारों, पीएफ से जुड़े प्रावधानों और ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल माध्यम से अब शिकायत दर्ज करना और पीएफ की जानकारी प्राप्त करना पहले से अधिक आसान हो गया है।
भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे
ईपीएफओ नोएडा ने कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता एवं शिकायत निवारण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।