नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि फिलहाल किसी भी माध्यम से ईरान की यात्रा करना सुरक्षित नहीं है। ऐसे में जो लोग वहां जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम को आगे बढ़ाए जाने की खबरों के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं माने जा रहे हैं। भारत और ईरान के बीच कुछ उड़ानों की बहाली जरूर हुई है, लेकिन जोखिम बरकरार है।
सरकार की स्पष्ट चेतावनी: किसी भी रास्ते से यात्रा न करें
विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि भारतीय नागरिक न तो हवाई मार्ग से और न ही सड़क मार्ग से ईरान की यात्रा करें। मंत्रालय के मुताबिक, क्षेत्र में अनिश्चित हालात को देखते हुए यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।
क्यों खतरनाक मानी जा रही है यात्रा
सरकार ने इसके पीछे कई अहम कारण गिनाए हैं। पहला, क्षेत्रीय तनाव के चलते उड़ानों पर अचानक रोक लग सकती है। दूसरा, कई इलाकों में हवाई क्षेत्र पर पाबंदियां लागू हैं, जिससे आवाजाही प्रभावित हो सकती है। तीसरा, अगर हालात अचानक बिगड़ते हैं तो वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के फंसने का खतरा बढ़ सकता है और उनकी वापसी मुश्किल हो सकती है।
ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए खास निर्देश
जो भारतीय नागरिक इस समय ईरान में हैं, उनके लिए भी सरकार ने विशेष सलाह जारी की है। उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से देश छोड़ने को कहा गया है। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि केवल उन्हीं मार्गों का इस्तेमाल करें, जिन्हें भारतीय दूतावास सुरक्षित घोषित करे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क बनाए रखें और उसकी सहायता लें।
आपातकालीन संपर्क नंबर जारी
ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। किसी भी समस्या की स्थिति में नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359।
संघर्षविराम बढ़ने के बावजूद सतर्कता जरूरी
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच संघर्षविराम को बिना समय सीमा के आगे बढ़ाने की घोषणा की गई है। इससे तत्काल युद्ध का खतरा भले ही टल गया हो, लेकिन स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है। बताया गया है कि यह संघर्षविराम तब तक जारी रहेगा, जब तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत पूरी नहीं हो जाती और प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन जाती।
ऐसे हालात में भारत सरकार ने एहतियात के तौर पर अपने नागरिकों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।