‘मन की बात’ में PM मोदी का संदेश: वैश्विक तनाव के बीच बुद्ध के मार्ग पर चलने की अपील, विज्ञान में भारत की तेज रफ्तार पर जोर
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए वैश्विक हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने दुनिया से शांति और सहअस्तित्व के लिए Gautama Buddha के आदर्शों को अपनाने की अपील की और कहा कि मौजूदा तनावपूर्ण माहौल में मानवता को बुद्ध के मार्ग से ही दिशा मिल सकती है।
वैश्विक हालात पर जताई चिंता, शांति का दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया जिस तरह के तनाव और संघर्ष के दौर से गुजर रही है, उसमें शांति, करुणा और संवाद की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बुद्ध के विचार न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को संतुलन और स्थिरता की राह दिखा सकते हैं।
विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर फोकस
प्रधानमंत्री ने देश की वैज्ञानिक प्रगति को राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार बताया। उन्होंने अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारत की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने नागरिकों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के लोग हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
कलपक्कम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर बना ऐतिहासिक मील का पत्थर
पीएम मोदी ने तमिलनाडु के Kalpakkam में स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के ‘क्रिटिकल’ होने को भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खास इसलिए भी है क्योंकि यह रिएक्टर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है और अब यह संचालन के चरण में प्रवेश कर चुका है।
स्वदेशी तकनीक पर गर्व, ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम
प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां देश को ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत बनाएंगी और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगी।