Prateek Yadav Death: शरीर और सिर पर मिले कई चोटों के निशान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव के शरीर पर छह और सिर में पांच चोट के निशान पाए गए हैं। इनमें कुछ चोटें पुरानी बताई जा रही हैं, जबकि कुछ निशान एक दिन पहले के बताए गए हैं। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ये चोटें कैसे लगीं और किन परिस्थितियों में लगीं।

जानकारी के मुताबिक शरीर पर मिले छह चोटों में तीन निशान करीब छह से सात दिन पुराने बताए गए हैं, जबकि तीन चोटें लगभग एक दिन पहले की मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक दिन पुरानी चोट से मौत होने की संभावना कम होती है, लेकिन चोट लगने की वजह और हालात की जांच जरूरी है।

सीने, हाथ और सिर पर मिले चोट के निशान

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पहली और दूसरी चोट सीने के दाहिने हिस्से में मिली है। तीसरी और चौथी चोट दाहिने हाथ की कलाई पर पाई गई, जबकि पांचवीं चोट कलाई से ऊपर दर्ज की गई है। छठी चोट बाएं हाथ पर मिली है।

इसके अलावा ब्रेन में भी चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे रक्तस्राव होने की बात सामने आई है। सिर के ऊपरी हिस्से पर भी चार से पांच चोटों के निशान दर्ज किए गए हैं। इन सभी तथ्यों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

पल्मोनरी एम्बोलिज्म बना मौत की वजह

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने यानी पल्मोनरी एम्बोलिज्म के कारण कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे प्रतीक यादव की मौत हो गई।

डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए हृदय और फेफड़ों से जुड़े कुछ नमूनों को सुरक्षित रखा है। साथ ही विसरा को भी रासायनिक जांच के लिए संरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार पल्मोनरी एम्बोलिज्म एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति होती है। इसमें शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में फंस जाता है। ज्यादातर मामलों में यह थक्का पैरों की नसों से निकलकर फेफड़ों तक पहुंचता है।

ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से बढ़ता है खतरा

चिकित्सकों के मुताबिक जब फेफड़ों की धमनियों में बड़ा क्लॉट फंस जाता है, तो शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक प्रभावित हो जाता है। इससे हृदय पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और गंभीर स्थिति में सांस रुकने या हार्ट फेल्योर से कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है।

हाई बीपी, हाई शुगर, हार्मोनल दवाओं का उपयोग, कैंसर, धूम्रपान, मोटापा और ट्रॉमा जैसी स्थितियों में पल्मोनरी एम्बोलिज्म का खतरा ज्यादा माना जाता है।

चार डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम

प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम चार डॉक्टरों के विशेष पैनल द्वारा किया गया। इस दौरान फॉरेंसिक टीम और एसडीएम स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

रिपोर्ट में बताया गया है कि हृदय और फेफड़ों से जुड़े थ्रोम्बोएम्बोलिक पदार्थ को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए फार्मेलिन में सुरक्षित रखा गया है। वहीं विसरा को केमिकल एनालिसिस के लिए संरक्षित कर संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है।

अब विसरा और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

 

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