यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा पर कड़ी निगरानी, 75 जिलों में हाई अलर्ट; मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर सरकार ने सुरक्षा और पारदर्शिता के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जाए।

प्रदेश में यह भर्ती परीक्षा 8 जून से 10 जून तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए राज्य के सभी 75 जिलों में कुल 1180 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। भर्ती परीक्षा में 28,86,797 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा

सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी।

मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परीक्षा तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को शुचिता एवं गोपनीयता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।

परीक्षा केंद्रों पर बाहरी लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद

मुख्य सचिव ने साफ कहा कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा ड्यूटी में केवल सत्यापित सरकारी कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी और उनकी नियुक्ति रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए होगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात सभी कर्मचारियों का 100 प्रतिशत ई-केवाईसी सत्यापन कराया जाए। केंद्र व्यवस्थापक समेत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बोर्ड द्वारा निर्धारित पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्ती

मुख्य सचिव ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि सभी मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्धारित क्लॉक रूम में ही जमा कराए जाएं। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के पास मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं होना चाहिए।

इसके अलावा परीक्षा केंद्रों में आवंटित कक्षों, कंट्रोल रूम और स्ट्रांग रूम को छोड़कर बाकी सभी अप्रयुक्त कमरों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में सील करने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्मिकों की होगी सघन जांच

सरकार ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात सभी कर्मचारियों की सघन तलाशी के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि नामांकन सूची से सभी कर्मचारियों के नामों का मिलान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति परीक्षा केंद्र में प्रवेश न कर सके।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा से कम से कम 10 दिन पहले सभी नामित कर्मचारियों की सूची उपलब्ध करा दी जाए। साथ ही सभी कर्मचारियों को अपर जिलाधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त पहचान पत्र जारी किए जाएं।

32,679 पदों पर होगी भर्ती

पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर ने बताया कि यह परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल के 32,679 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जा रही है। सरकार इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने पर विशेष जोर दे रही है।

 

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