गौतमबुद्धनगर जेल का औचक निरीक्षण, 2501 बंदी निरुद्ध; व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य और सुविधाओं को लेकर दिए गए अहम निर्देश
गौतमबुद्धनगर, 29 अप्रैल 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत ने बुधवार को जिला कारागार गौतमबुद्धनगर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह निरीक्षण उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जनपद न्यायाधीश के निर्देशों के क्रम में किया गया।
निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन की ओर से बताया गया कि वर्तमान में जिला कारागार में कुल 2501 बंदी निरुद्ध हैं। महिला बंदियों के साथ 3 शिशु भी कारागार में रह रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी बंदी निर्धारित सजा अवधि से अधिक समय तक निरुद्ध नहीं है।
कौशल विकास गतिविधियों पर जोर, बंदियों को सशक्त बनाने की पहल
निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि बंदियों के कौशल विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके तहत हेयर सैलून, डांस क्लास, संगीतशाला, पेंटिंग और सिलाई जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि बंदी समय का सदुपयोग कर सकें और रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
महिला और किशोर बैरकों का निरीक्षण, मामलों की ली जानकारी
सचिव ने महिला और किशोर बंदियों के बैरकों का निरीक्षण किया और उनसे उनके मुकदमों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही बंदियों के प्रकरणों से संबंधित रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए गए।

पराविधिक स्वयंसेवकों के कार्यों की समीक्षा
जेल में कार्यरत पराविधिक स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे कार्यों से जुड़े अभिलेखों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बंदियों को समय पर विधिक सहायता मिल सके।
साफ-सफाई, खान-पान और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष निर्देश
निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया कि बैरकों में साफ-सफाई, बंदियों के स्वास्थ्य, खान-पान की गुणवत्ता और अन्य सुविधाएं जेल मैनुअल के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। विशेष रूप से गर्मी के मौसम को देखते हुए महिला बैरकों में रह रहे शिशुओं और वृद्ध बंदियों के स्वास्थ्य पर अतिरिक्त ध्यान देने को कहा गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार और जेलर संजय साही सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।