मौसम अलर्ट: अगले 72 घंटे देश पर दोहरी मार, कहीं आंधी-तूफान और ओलावृष्टि तो कहीं भीषण लू, IMD की बड़ी चेतावनी
देशभर में मौसम का मिजाज आने वाले 72 घंटों तक बेहद अस्थिर रहने वाला है। एक तरफ भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान करेगी, तो दूसरी ओर कई राज्यों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मेघालय और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी आशंका जताई गई है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में भी बदलेगा मौसम का मिजाज
दक्षिण भारत में जहां भीषण गर्मी और हीटवेव का असर बना हुआ है, वहीं तटीय इलाकों में हल्की मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। अगले दो दिनों के दौरान महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों में धूल भरी आंधी और बारिश के आसार हैं, जिससे तापमान में हल्की गिरावट संभव है।
पहाड़ों पर 24 अप्रैल से बदलेगा मौसम, बारिश-बर्फबारी के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ फिलहाल कमजोर पड़ रहा है, लेकिन 24 अप्रैल से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ने के साथ लू का अलर्ट जारी है।
बिहार में बढ़ती गर्मी, अगले दो दिन और मुश्किल
बिहार में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। सुबह से ही तेज धूप और दिन चढ़ने के साथ लू का असर लोगों को परेशान कर रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे हालात और कठिन हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में लू का कहर, कई जिलों में तापमान 45 के करीब
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा और झांसी में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, सुलतानपुर, बाराबंकी, बहराइच, शाहजहांपुर और हरदोई समेत कई जिलों में पारा सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है। आने वाले दिनों में दिन के साथ रात में भी गर्मी बढ़ेगी और तेज हवाएं चलेंगी। फिलहाल राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में तापमान चढ़ा, बारिश के आसार नहीं
दिल्ली-एनसीआर में तापमान लगातार बढ़ रहा है। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री और अधिकतम करीब 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश की संभावना से इनकार किया है, हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के आसपास बना हुआ है, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
राजस्थान और हरियाणा में हीटवेव का अलर्ट
राजस्थान में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और कई इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी है। वहीं हरियाणा के रोहतक में भी पारा 42 डिग्री पार कर गया है। दोनों राज्यों में फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।
उत्तराखंड और हिमाचल में आंधी-बारिश का असर
उत्तराखंड के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि मैदानी हिस्सों में गर्मी बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश में भी पिछले कुछ दिनों से मौसम सुहावना है, लेकिन 24 अप्रैल के बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी, कई रास्ते बंद
जम्मू-कश्मीर में घाटी के इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है। कई प्रमुख सड़कें बंद कर दी गई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम और बिगड़ सकता है।
पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं का खतरा
पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह खराब मौसम की संभावना है। असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड और मेघालय में तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने और नुकसान का खतरा बना रहेगा।
क्या है हीटवेव और कितना खतरनाक
मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो और सामान्य से 4.5 डिग्री ज्यादा हो, तो उसे हीटवेव माना जाता है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और बेहोशी जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
सनबर्न का बढ़ता खतरा, त्वचा पर असर
गर्मी बढ़ने के साथ सनबर्न का खतरा भी बढ़ रहा है। सूरज की तेज यूवी किरणों के संपर्क में आने से त्वचा झुलस सकती है, जिससे जलन, लाल दाग और सूजन की समस्या हो सकती है।
मानसून को लेकर शुरुआती संकेत
मौसम विभाग के अनुसार प्री-मानसून गतिविधियां जल्द शुरू हो सकती हैं, जबकि जून में मानसून की एंट्री की संभावना है। हालांकि इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने के आसार हैं। उत्तर भारत में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश से कुछ राहत मिल सकती है।