बिहार में बनेगा 56 किमी लंबा नॉर्दर्न गंगा एक्सप्रेस-वे, 30 मिनट में पूरा होगा पटना-कोइलवर का सफर; उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

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बिहार में सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजधानी पटना और उत्तर बिहार के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार अब गंगा नदी के उत्तरी किनारे पर एक नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की तैयारी में जुट गई है। जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव की सफलता के बाद प्रस्तावित इस नई परियोजना को ‘नॉर्दर्न गंगा एक्सप्रेस-वे’ नाम दिए जाने की संभावना है। इसे बिहार का दूसरा मरीन ड्राइव भी माना जा रहा है।

यह प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे बिदुपुर से शुरू होकर सारण जिले के दिघवारा तक बनाया जाएगा। करीब 56 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है। मौजूदा जेपी गंगा पथ की लंबाई जहां 20.5 किलोमीटर है, वहीं यह नया एक्सप्रेस-वे उससे लगभग तीन गुना बड़ा होगा।

पटना से कोइलवर की दूरी होगी बेहद आसान

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद पटना से कोइलवर तक यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान समय में इस रूट पर सफर तय करने में करीब डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग जाता है, लेकिन एक्सप्रेस-वे बनने के बाद यही दूरी महज 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे लोगों का समय बचेगा और यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम हो सकेगी।

डीपीआर को मिल चुकी है मंजूरी

जानकारी के अनुसार, परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। सरकार की योजना इस एक्सप्रेस-वे को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की है ताकि यह केवल सड़क परियोजना न रहकर पर्यटन और शहरी विकास का भी बड़ा केंद्र बन सके।

रिवर फ्रंट और आधुनिक घाट होंगे खास आकर्षण

नॉर्दर्न गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे आकर्षक रिवर फ्रंट और आधुनिक घाट विकसित किए जाएंगे। परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का वॉटरफ्रंट अनुभव तैयार करने की योजना बनाई गई है। रात के समय रोशनी से सजे खूबसूरत दृश्य इस इलाके को नया पर्यटन केंद्र बना सकते हैं।

इसके अलावा पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए फूड स्टॉल, बैठने की व्यवस्था और मनोरंजन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। युवाओं को आकर्षित करने के लिए सेल्फी प्वाइंट और अन्य पर्यटन सुविधाओं का भी निर्माण प्रस्तावित है।

व्यापार, पर्यटन और ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा

इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभा सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।

सरकार की यह परियोजना बिहार की प्रमुख और आइकॉनिक इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में शामिल मानी जा रही है। इसके पूरा होने से लोगों को कम समय में बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी, वहीं ईंधन की खपत में भी कमी आने की संभावना है।

 

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