पश्चिम एशिया संकट के बीच 24 घंटे में दूसरी बार पीएम मोदी की अपील, पेट्रोल-डीजल बचाने और सोना खरीद टालने का आग्रह; वैश्विक तनाव को बताया गंभीर चुनौती
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से सोने की खरीद टालने और ऊर्जा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का आग्रह किया है। पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए नागरिकों को अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की जरूरत है।
इससे पहले हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि देशवासियों को कोरोना काल में अपनाए गए उपायों जैसे वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लास और वर्चुअल मीटिंग जैसी व्यवस्थाओं को फिर से अपनाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समय सतर्कता और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का है।
पश्चिम एशिया तनाव को बताया गंभीर चुनौती
पीएम मोदी ने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा युद्ध जैसी स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर भारत समेत दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया का मौजूदा संकट इस दशक के सबसे गंभीर संकटों में से एक है।
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, खासकर ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे भारत में गैस आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है।
ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा और विदेशी मुद्रा बचाने में मदद करेगा।
पीएम मोदी ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि अनावश्यक रूप से सोने की खरीद से बचें और उन गतिविधियों को कम करें जिनमें विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करना समय की मांग है।
कोरोना काल से की तुलना, सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
गुजरात के वडोदरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब भी देश ने किसी बड़े संकट या युद्ध जैसी स्थिति का सामना किया है, तब देशवासियों ने सरकार की अपील पर जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भी वही सामूहिक भावना दिखाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह भारत ने कोविड-19 महामारी पर सफलतापूर्वक काबू पाया, उसी तरह देश इस वैश्विक संकट से भी मजबूती के साथ उबर जाएगा।
तेल, खाद और संसाधनों के उपयोग पर भी सलाह
पीएम मोदी ने पहले भी लोगों से खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अगर हर परिवार तेल की खपत में थोड़ी कमी करता है तो देश का आयात बिल घट सकता है और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
इसके साथ ही उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद के उपयोग को 50 प्रतिशत तक कम करने का सुझाव दिया था। उनका कहना था कि इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और भारत की ऊर्जा जरूरतों पर सीधे तौर पर पड़ सकता है। इसी वजह से सरकार पहले से ही एहतियाती कदम उठाने और नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दे रही है।