नोएडा में बड़ी कार्रवाई: क्लाउड किचन पर चला प्राधिकरण का डंडा, 30 किलो सिंगल यूज़ प्लास्टिक जब्त, 2 लाख का जुर्माना लगा, रेडिसन होटल में भी हुई जांच
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने पर्यावरण और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करते हुए सेक्टर-8 स्थित एक क्लाउड किचन पर बड़ा जुर्माना लगाया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देशों के क्रम में की गई इस कार्रवाई के तहत M/s KIC Food Product Pvt. Ltd. पर दो लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है और भारी मात्रा में सिंगल यूज़ प्लास्टिक भी जब्त की गई है।
निरीक्षण में सामने आई कई गंभीर खामियां
जन स्वास्थ्य अधिकारी इंदु प्रकाश सिंह और प्रबंधक (हेल्थ एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) राहुल कुमार के नेतृत्व में की गई जांच के दौरान क्लाउड किचन में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण में पाया गया कि ईटीपी (Effluent Treatment Plant) क्रियाशील नहीं था, ऑयल और ग्रीस ट्रैप व ट्यूब सेटलर भी बंद अवस्था में थे।
इसके अलावा फ्लो मीटर नहीं लगाया गया था, स्लज मैनेजमेंट मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया और लॉगबुक भी उपलब्ध नहीं थी। केमिकल डोजिंग सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा था।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि क्लाउड किचन द्वारा बल्क वेस्ट जनरेटर होने के बावजूद ओडब्ल्यूसी (Organic Waste Converter) प्लांट नहीं लगाया गया था। साथ ही कचरे के पृथक्करण और भंडारण से जुड़े सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा था।
सबसे गंभीर बात यह रही कि नोएडा क्षेत्र में प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा था।
30 किलो प्लास्टिक जब्त, 2 लाख का जुर्माना
प्राधिकरण की टीम ने मौके से लगभग 30 किलोग्राम सिंगल यूज़ प्लास्टिक जब्त किया। सभी अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित क्लाउड किचन पर दो लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि भविष्य में नियमों का पालन नहीं करने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रेडिसन होटल में भी हुआ निरीक्षण
इसके बाद सेक्टर-55 स्थित रेडिसन होटल में ओडब्ल्यूसी मशीन और ईटीपी प्लांट का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान पर्यावरण सेल के अधिकारी और एनजीओ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
प्राधिकरण का सख्त संदेश
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।