लखनऊ में वकीलों का बड़ा ऐलान! 26 मई तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे अधिवक्ता, पुलिस कार्रवाई के खिलाफ उग्र विरोध
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 17 मई 2026 को हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने बड़ा कदम उठाया है। सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने 21 मई से 26 मई 2026 तक सामूहिक अवकाश पर रहने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद राजधानी की अदालतों में न्यायिक कार्य प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।
बुधवार को अधिवक्ताओं के हितों और सम्मान की रक्षा को लेकर संयुक्त आम सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में वकील शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल एडवोकेट ने की। सभा में जिले की विभिन्न बार एसोसिएशनों के अध्यक्ष, महामंत्री और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
वकीलों ने पुलिस पर लगाया लाठीचार्ज का आरोप
संयुक्त आम सभा में अधिवक्ताओं ने 17 मई की घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। वकीलों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज किया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
सभा में प्रस्ताव पारित कर दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वकीलों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
अधिवक्ताओं ने वजीरगंज थाने में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को झूठा बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। इसके लिए शासन और प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील भी की गई।
बैठक में अधिवक्ताओं से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि सिविल कोर्ट स्थित पुरानी तहसील परिसर की भूमि सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ को लीज पर दी जाए। इसके अलावा पुराने हाई कोर्ट परिसर में खाली पड़े कर्मचारी आवासों की जमीन अधिवक्ताओं के चैंबर और पार्किंग निर्माण के लिए उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
हाई कोर्ट में पैरवी के लिए पदाधिकारियों को अधिकृत किया गया
अधिवक्ताओं की ओर से हाई कोर्ट में लंबित याचिका की 25 मई 2026 को होने वाली सुनवाई के लिए सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल एडवोकेट और महामंत्री अवनीश दीक्षित एडवोकेट को अधिकृत किया गया है। दोनों अधिवक्ताओं की ओर से अदालत में पक्ष रखेंगे।
सभा में यह भी तय किया गया कि आंदोलन की आगे की रणनीति प्रदेशभर के अधिवक्ताओं से चर्चा के बाद बनाई जाएगी। इसके लिए 26 मई 2026 को दोपहर 2 बजे फिर से आम सभा बुलाने का फैसला लिया गया है।