नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी प्रवीण सूद अब 12 मई 2027 तक सीबीआई प्रमुख के पद पर बने रहेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 13 मई 2026 को समाप्त हो रहा था। इससे पहले भी उन्हें 24 मई 2025 को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था। प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को दो साल के लिए सीबीआई निदेशक का पदभार संभाला था।
नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रवीण सूद के कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दी। ACC की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि उनका कार्यकाल 24 मई 2026 के बाद एक वर्ष के लिए और बढ़ाया गया है। इसके साथ ही अब वे अगले वर्ष मई 2027 तक इस अहम पद पर बने रहेंगे।
नए CBI निदेशक की नियुक्ति को लेकर हुई बैठक
इससे पहले मंगलवार 12 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक का उद्देश्य अगले सीबीआई निदेशक की नियुक्ति पर फैसला लेना था। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई यह बैठक एक घंटे से अधिक समय तक चली।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले इस चयन पैनल में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे। मौजूदा सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का सेवा विस्तार 24 मई 2026 को खत्म होने वाला था, जिसके बाद नए निदेशक की नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।
राहुल गांधी ने जताई आपत्ति
बैठक के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक असहमति नोट भी पेश किया। उन्होंने सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि एजेंसी का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने अपना असहमति नोट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि विपक्ष के नेता को चयन प्रक्रिया में शामिल करने का उद्देश्य संस्थागत संतुलन बनाए रखना है, लेकिन उन्हें इस प्रक्रिया में कोई सार्थक भूमिका नहीं दी गई। उन्होंने सरकार पर चयन प्रक्रिया को एकतरफा तरीके से संचालित करने का आरोप भी लगाया।