यूक्रेन से युद्ध में पोलैंड में गिरी रुसी मिसाइल, एक्‍शन में बाइडन, जी7 और नाटो की बुलाई आपात बैठक

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नई दिल्‍ली । रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस (Russia) द्वारा दागी गई मिसाइलों (missiles) में से दो मिसाइलें यूक्रेन सीमा (ukraine border) के पास नाटो के सदस्य देश पोलैंड (poland) के क्षेत्र में जा गिरीं। कहा गया है कि यूक्रेन की सीमा पर लबलिन वोइवोडीशिप (Lublin Voivodeship) में प्रेजवोडो के आबादी वाले क्षेत्र में दो रॉकेट गिरे। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, पुलिस और सेना घटना स्थल पर काम कर रही है।

पोलैंड ने सेना को अलर्ट किया, बाइडन ने बुलाई जी7 और नाटो की आपात बैठक
इधर, ताजा जानकारी के मुताबिक, सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद पोलैंड ने अपनी सेना का अलर्ट पर रहने के लिए कह दिया है। इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसी मामले में जी7 देशों और नाटो के सदस्य देशों की आपात बैठक बुलाई है।

पोलैंड ने रूस के राजदूत को किया तलब
वहीं, इस मामले में पोलैंड ने रूस के राजदूत को तलब कर लिया है। पोलैंड के विदेश मंत्रालय की ओर से इस संबंध में बयान जारी किया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता लुकाज जसीना ने कहा कि हमने घटना को लेकर तत्काल विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि 15 नवंबर को रूस की ओर से यूक्रेन पर भारी गोलाबारी की गई और सेना ने उसके संरचनात्मक ढांचे को भी तबाह कर दिया। दोपहर 3.40 बजे रूस निर्मित मिसाइल लुबेल्स्की प्रांत के ह्रुबिजोव जिले के प्रेजवोडो गांव पर गिराई गई और इसके परिणामस्वरूप पोलैंड गणराज्य के दो नागरिकों की मौत हो गई। इसलिए पोलैंड के विदेश मंत्री जबिग्न्यू राऊ ने रूस के राजदूत को तत्काल तलब किया है और इस घटना पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।

रूस में बना था रॉकेट, पोलैंड के विदेश मंमत्रालय ने की पुष्टि
मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, पोलैंड के विदेश मंत्रालय ने उसके क्षेत्र में गिरे रॉकेट के रूस में बने होने की पुष्टि की है। वहीं पोलैंड की ओर से नाटो के अनुच्छेद 4 के आधार पर किए गए अनुरोध के तहत नाटो में शामिल सदस्य देशों के राजदूत आज इस मामले में बैठक करेंगे। नाटो के अनुच्छेद 4 के अनुसार, सदस्य किसी सदस्य देश की सुरक्षा से संबंधित चिंता का कोई भी मुद्दा उठा सकते हैं। यूरोपीय राजनयिकों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

रूस ने किया इनकार
वहीं, मॉस्को ने पोलैंड पर रूसी मिसाइलों के हमले की रिपोर्ट को ‘उकसाने’ की घटना बताया। न्यूज एजेंसी एएफपी ने यह जानकारी दी। रूस के रक्षा मंत्रालय ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है कि रूसी मिसाइलों ने पोलिश क्षेत्र में हमला किया। इस रिपोर्ट के बारे में बताते हुए इसे “युद्ध की बढ़ती स्थिति के बीच जानबूझकर एक उकसावे” के रूप में वर्णित किया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन-पोलैंड सीमा को लक्ष्य बनाकर रूसी मिसाइलों से कोई हमला नहीं किया गया है।

उधर, पोलैंड में मिसाइलों के गिरने की खबरों पर हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबना ने रक्षा परिषद की बैठक बुलाई। एएफपी ने अधिकारी का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने इस संबंध में कहा कि हमने पोलैंड से आई रिपोर्टें देखी हैं। हम इस समय रिपोर्ट या किसी भी विवरण की पुष्टि नहीं कर सकते। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने पोलैंड के राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो के प्रमुख जेसेक सिविएरा से बात की।

नाटो महासचिव ने पोलैंड के राष्ट्रपति से की बात
पोलैंड में ‘विस्फोट’ की रिपोर्ट पर नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से बात की, जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया, तथ्यों को स्थापित करने पर जोर दिया। इसके अलावा राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी ताजा हालात को लेकर बात की है।

पोलैंड के प्रधानमंत्री बैठक बुलाई
पोलैंड के प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविकी ने देश के क्षेत्र में मिसाइलों के गिरने की खबरों के बाद मंत्रिपरिषद की सुरक्षा परिषद समिति की बैठक बुलाई। सरकार के प्रवक्ता पिओतर मुलर ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री मोराविकी ने तत्काल राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा मामलों के लिए मंत्रिपरिषद की समिति को बुलाया।

इस मामले को लेकर पश्चिमी मीडिया ने कहा कि दो अनियंत्रित रॉकेट पोलिश क्षेत्र में गिरे, जो रूस की तरफ से दागे गए थे।पोलैंड उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) सैन्य गठबंधन का सदस्य है।नाटो संधि के अनुच्छेद पांच में कहा गया है कि यदि किसी सदस्य देश के खिलाफ सशस्त्र हमला होता है, तो इसे सभी सदस्यों के खिलाफ हमला माना जाएगा।

बताया गया कि रूस ने खेरसान से वापसी के बाद मंगलवार को यूक्रेन के शहरों पर मिसाइलों की बारिश की। मिसाइल हमलों के बीच लगभग एक दर्जन प्रमुख शहरों में हवाई हमले के सायरन बजे और विस्फोट हुए।

पोलिश क्षेत्र में रूसी मिसाइलों के गिरने के बारे में रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिका ने इस मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले स्थिति के तथ्यों को इकट्ठा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि हम इस रिपोर्ट से अवगत हैं, लेकिन रिपोर्ट की पुष्टि करने के लिए इस समय कोई जानकारी नहीं है। हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उन पर गौर कर रहे हैं। जैसे ही हमारे पास इसकी जानकारी आएगी, हम आपको इस बारे में बताएंगे। उन्होंने कहा कि हम इस मामले में तथ्यों को जुटा रहे हैं। मुझे लगता है कि यह हम सभी को करना चाहिए कि हम अनुमान लगाने या किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों को इकट्ठा करें।

बाइडन ने किया जांच में सहयोग का वादा
हमले के बाद व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने विश्व नेताओं के साथ एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने पूर्वी पोलैंड में हुए नुकसान और पोलैंड की ओर से जांच का समर्थन करने का आश्वासन दिया। वहीं जो बाइडन ने कहा, हम इस समय यूक्रेन का पूरी तरह से समर्थन कर रहे हैं। रूस के खिलाफ जंग में हम उनकी हर संभव मदद करते रहेंगे।

वहीं यू्क्रेन के राष्ट्रपति वोलादिमिर जेलेंस्की ने कहा, पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रजेज डूडा के साथ फोन पर बातीचत हुई। रूसी मिसाइल हमले में पोलिश नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, हमने इस हमले से संबंधित उपलब्ध जानकारियों साझा किया। उन्होंने कहा, दुनिया को आतंकी रूस से पूरी तरह सुरक्षित किया जाना चाहिए।

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