गौतमबुद्धनगर में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सख्त हुए अधिकारी, निजी स्कूलों को समय पर दाखिले और पोर्टल अपडेट करने के निर्देश
गौतमबुद्धनगर में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत संचालित प्रवेश प्रक्रिया की प्रगति को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की, जबकि अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे भी मौजूद रहे। बैठक में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में दिए जा रहे प्रवेश की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पात्र बच्चों का प्रवेश समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित सभी जानकारियां शिक्षा विभाग के पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट की जाएं, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे।
अभिभावकों और बच्चों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे ने बैठक में मौजूद विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों और बच्चों के साथ सकारात्मक एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र बच्चे को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी संबंधित संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि बैठक में अनुपस्थित रहने वाले विद्यालयों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी प्रक्रिया से हो रहा विद्यालय आवंटन
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से पात्र बच्चों को विद्यालय आवंटित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आरटीई योजना के अंतर्गत चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके साथ ही बच्चों को पाठ्य सामग्री और स्कूल वर्दी के लिए निर्धारित आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
बैठक में मौजूद रहे शिक्षा विभाग के अधिकारी और निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि
समीक्षा बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार सहित जनपद के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।