गौतमबुद्धनगर में 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, वैवाहिक विवाद से लेकर बैंक ऋण और ई-चालान मामलों तक होगा त्वरित निस्तारण

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गौतमबुद्धनगर में आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला न्यायालय परिसर में अहम प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिला न्यायालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान माननीय जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों और इसके दायरे में आने वाले मामलों की विस्तृत जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद गौतमबुद्धनगर के जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी तहसील न्यायालयों में किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण तरीके से निस्तारण कराया जाएगा।

इन मामलों का होगा निस्तारण

प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिनियम से जुड़े वाद, वैवाहिक विवाद, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के मामले, दीवानी वाद, मोटर वाहन अधिनियम एवं ई-चालान से संबंधित प्रकरण, आर्बिट्रेशन मामले, लघु शमनीय अपराध, धारा 138 एनआई एक्ट के वाद, विद्युत अधिनियम से जुड़े मामले, भू-राजस्व, सेवा एवं पेंशन संबंधी प्रकरण, श्रम विवाद समेत अन्य कई प्रकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा।

इसके अलावा प्री-लिटीगेशन स्तर पर बैंक ऋण, बिजली बिल और बीएसएनएल बिल से जुड़े मामलों का भी आपसी सहमति के आधार पर समाधान कराया जाएगा, जिससे लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिल सके।

ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे जानकारी: जनपद न्यायाधीश

माननीय जनपद न्यायाधीश ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस व्यवस्था का लाभ उठाकर अपने मामलों का शीघ्र समाधान प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें न्याय प्रक्रिया को सरल, सुलभ और कम खर्चीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

21, 22 और 23 अगस्त को होगा ‘समाधान समारोह’ के तहत विशेष लोक अदालत का आयोजन

प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि “समाधान समारोह” अभियान के अंतर्गत 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य माननीय उच्चतम न्यायालय में लंबित उन मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराना है, जिनमें आपसी सुलह-समझौते की संभावना मौजूद है।

बताया गया कि ऐसे वादकारी, जिनके मामले उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं और जिनमें समझौते की संभावना है, वे “समाधान अभियान” के अंतर्गत आयोजित विशेष लोक अदालत में अपने मामलों का निस्तारण करा सकते हैं।

कई न्यायिक अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी सोमप्रभा मिश्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

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