बसपा में निष्कासन को लेकर मचा सियासी बवाल, फर्जी पत्र वायरल होने पर मायावती ने दी सफाई, कहा– खबरें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के भीतर कथित निष्कासन को लेकर सामने आए विवाद पर पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कड़ा रुख अपनाते हुए वायरल दावों को पूरी तरह फर्जी और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं के निष्कासन को लेकर सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में फैलाई जा रही खबरें गलत हैं और इन पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।
मायावती ने ‘एक्स’ पर किया स्पष्टीकरण, मीडिया से भी बरती सावधानी की अपील
बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पार्टी के अधिकृत फैसलों को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाना गलत है और इससे जनता में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। मायावती ने लोगों से अपील की कि ऐसी खबरों पर ध्यान न दें और मीडिया संस्थानों से भी आग्रह किया कि किसी भी सूचना को प्रकाशित करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच और पुष्टि जरूर करें।
पहले निष्कासन और फिर फर्जी पत्र का दावा
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले पार्टी की ओर से जिला स्तर पर कुछ नेताओं के निष्कासन की खबर सामने आई थी, जिसमें अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला दिया गया था। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित पत्र वायरल हुआ, जिसमें तीन अन्य वरिष्ठ नेताओं के निष्कासन का दावा किया गया। हालांकि, बाद में इस पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया और पार्टी नेतृत्व ने इसे फर्जी बताया।
जाली लेटरपैड से जारी हुई विज्ञप्ति पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि यह कथित प्रेस विज्ञप्ति बुलंदशहर बसपा जिलाध्यक्ष के नाम से वायरल हुई थी, जिसमें कुछ नेताओं के निष्कासन का उल्लेख था। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि यह पत्र अधिकृत नहीं है और इसे जाली लेटरपैड का उपयोग करके जारी किया गया है।
बसपा ने दी चेतावनी, अफवाहों से बचने की अपील
मायावती ने साफ कहा है कि पार्टी के अंदरूनी फैसलों को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना फैलाना संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की है कि केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी भ्रामक खबर से दूर रहें।