दिल्ली में AI क्रांति की तैयारी, IT विस्तार और रोजगार बढ़ाने के लिए खुलेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

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राजधानी दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को नई रफ्तार देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि वह IT सेक्टर के विस्तार, AI आधारित नवाचार और मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने के लिए अपने प्रयास तेज कर रही है। इस पहल का मकसद न सिर्फ निवेश आकर्षित करना है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करना है।

इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के IndiaAI मिशन के तहत दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये केंद्र राजधानी में इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।

चार साल में हजारों युवाओं को मिलेगा फायदा

सरकार की योजना के अनुसार, इन AI सेंटर के जरिए अगले चार वर्षों में लगभग 90 से 100 स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जाएगा। इसके साथ ही 7 हजार से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग देने और एक हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

हर सेंटर को 20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से विकसित किया जाएगा। यह फंडिंग मॉडल केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और इंडस्ट्री व शैक्षणिक भागीदारों के बीच 40:40:20 के अनुपात में आधारित होगा।

शिक्षा और उद्योग के साथ मिलकर बनेगा मजबूत इकोसिस्टम

इस महत्वाकांक्षी पहल को प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से लागू किया जाएगा। इसमें नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, द्वारका की अहम भूमिका होगी। इन संस्थानों के जरिए रिसर्च, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को नई दिशा मिलेगी।

AI से बदलेगी गवर्नेंस और नागरिक सेवाएं

इन AI उत्कृष्टता केंद्रों को एक समग्र प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग मिलकर काम करेंगे। इसका एक प्रमुख उद्देश्य गवर्नेंस में AI आधारित समाधान लागू करना है, जिससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी।

इसके जरिए डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को बेहतर व तेज सेवाएं मिल सकेंगी।

युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट पर फोकस

इस पहल के तहत युवाओं के लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास और प्रमाणन कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक मजबूत और कुशल कार्यबल तैयार किया जाएगा।

आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल दिल्ली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। उनका कहना है कि इससे न केवल स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवा पेशेवरों को वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने का मौका भी मिलेगा।

दिल्ली को टेक हब बनाने की तैयारी

सरकार का लक्ष्य है कि इन पहलों के जरिए दिल्ली को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। साथ ही, निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी ये सेंटर अहम भूमिका निभाएंगे।

 

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